नवरात्रि के दौरान माँ प्रकृति से जुड़े रहकर करें उपवास : जानें शरीर को डिटॉक्स करने का प्राकृतिक तरीका
नवरात्रि का पावन पर्व केवल आस्था और भक्ति का ही नहीं, बल्कि हमारे शरीर और मन को अंदर से शुद्ध करने का एक बेहतरीन मौका है। बदलते मौसम के इस दौर में हमारे शरीर को अंदरूनी सफाई की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, ऐसे में नवरात्रि में उपवास रखना शरीर को डिटॉक्स करने का एक बहुत बढ़िया तरीका होता है। लेकिन याद रहे उपवास का पूरा फायदा आपको तभी मिलेगा जब आप सही और प्राकृतिक तरीके से उपवास करेंगे। Natural Life Style (NLS) द्वारा बताए गए तरीके से उपवास करने से लगातार काम कर रहे आपके आंतरिक अंगों जैसे – lever, heart, kidney, lungs आदि को जरूरी आराम मिलता है जिससे आपके शरीर के अंदर की टूट-फूट की मरम्मत हो पाती है। चलिए जानते हैं नवरात्रि के दौरान उपवास करने का सही और प्राकृतिक तरीका क्या है?
हमारे पूर्वज थे महान हेल्थ साइंटिस्ट
जब-जब मौसम बदलता है (जैसे सर्दियों से गर्मियों का आना या गर्मियों से सर्दियों का बदलाव), तब-तब ज्यादातर लोगों को वायरल फीवर, जुकाम, खांसी या कमजोरी जैसी समस्याएं घेर लेती हैं. मदर नेचर (प्रकृति) ऐसा इसलिए करती है ताकि शरीर में जमा टॉक्सिन्स (Toxins) बाहर निकल सकें और हम आने वाले मौसम का सामना करने के लिए तैयार हो सकें. हमारे दूरदर्शी पूर्वजों ने इस वैज्ञानिक प्रक्रिया को उपवास और पर्वों के साथ जोड़ दिया, ताकि इन नौ दिनों में खान-पान सुधारकर शरीर बिना किसी दवाई के पूरी तरह स्वस्थ हो जाए।
क्या हम उपवास सही तरीके से करते हैं?
आज के समय में मानव स्वभाव की चालाकी के कारण उपवास का असली स्वरूप ही बदल गया है। व्रत के नाम पर लोग सामान्य दिनों से भी ज्यादा और अनहेल्दी चीजें खाने लगे हैं — जैसे कुट्टू के आटे की पकौड़ियां, सिंघाड़े की पूरी, आलू के पकवान, खूब सारा दूध-दही, पनीर, और साथ में चाय-कॉफी का सेवन। परिणाम यह होता है कि उपवास के नाम पर शरीर डिटॉक्स होने के बजाय और अधिक बीमार, भारी और सुस्त हो जाता है।
नेचुरल लाइफ स्टाइल (NLS) के साथ नवरात्रों में ऐसे करें सही उपवास
उपवास का मतलब भूखा रहना नहीं, बल्कि अपने खान-पान को सरल और प्राकृतिक बनाना है। प्राकृतिक नियमों के अनुसार, उपवास का मतलब शरीर को आराम देना और उसे स्वयं को ठीक करने (हीलिंग) का मौका देना है। यदि आप चाहते हैं कि व्रत के दौरान आपको कमजोरी न लगे और आप पूरे दिन गजब की ऊर्जा (Energy) महसूस करें, तो एनएलएस (NLS) के इन आसान और वैज्ञानिक चरणों का पालन करें:
1 से 3 दिन
भारी और मसालेदार चीजों की बजाय NLS White Chart फॉलो करें। 3 दिनों तक NLS White Chart में बताए गए drinks जैसे – नारियल पानी, पेठा जूस, हरी मौसमी सब्जियों के रस इत्यादि का सेवन करके उपवास करें। ऐसा करने से आपकी बॉडी detox हो जाएगी और जमी हुई पुरानी से पुरानी गंदगी शरीर से बाहर निकल जाएगी। जिससे आप शरीर में एक ताजगी महसूस करेंगे। अगर आप 3 दिन तक white chart फॉलो नहीं कर पा रहे हैं तो 2 दिन तक white chart फॉलो करें, कम से कम 1 दिन तो white chart अवश्य फॉलो करें। यदि पूरे दिन सिर्फ लिक्विड पर रहना कठिन लगे, तो सुबह और शाम एनएलएस ड्रिंक्स लें तथा दोपहर व रात में पेट भरकर मीठे, रसीले फल (जैसे पपीता, सेब, मौसमी, संतरा) खाएं। जब आप भारी अनाजों से दूरी बनाकर केवल प्राकृतिक और तरल चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो पाचन तंत्र को आराम मिलता है और शरीर की सारी ऊर्जा पाचन में लगने के बजाय अंदरूनी अंगों की सफाई (Detoxification) में लग जाती है।
4 से 6 दिन
तीन दिनों तक white chart फॉलो करने के बाद अगले 3 दिनों तक आपको NLS green chart follow करना है। जिसमें आप NLS drinks के साथ-साथ मौसम के फल जैसे कि आजकल जो फल मिल रहे हैं – मौसंमी, संतरा, छोटी नाख, पपीता, गोल्डन सेब इत्यादि फल खा सकते हैं। इसके 2 – 3 घंटे बाद आप salad जैसे देसी खीरा, देसी टमाटर, कच्चे नारियल की गिरी और धनिया पत्ता मिलाकर ले सकते हैं। फल और salad आपको पेट भर और प्लेट भर खाना है।
विशेष ध्यान रखें: इसमें दूध, दही, पनीर, छाछ, पैकेटबंद जूस, चाय, कॉफी या मिल्कशेक बिल्कुल शामिल नहीं हैं।
7वां एवं 8वां दिन
अगले तीन दिनों तक, सुबह NLS drink, उसके 2 घंटे बाद plate भर फल, दोपहर में plate भर सलाद, शाम को फिर से कोई एक NLS drink, और रात में फिर से ताजे फल खाएं। पूरी fasting के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना और विश्राम देना सबसे जरूरी है ताकि टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) आसानी से बाहर निकल सकें।
Note – यदि आपको Sugar है या आप पहली बार उपवास कर रहे हैं और उपवास करने से डर लगता है तो आप green chart उपवास पर भी पूरे नवरात्रे रह सकते हैं।
उपवास के मुख्य फायदे
सही तरीके से किया गया उपवास किसी वरदान से कम नहीं है:
शारीरिक डिटॉक्स: शरीर में जमा सारे जहरीले तत्व और अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
पाचन शक्ति में सुधार: लगातार काम करने वाले पाचन तंत्र को जब आराम मिलता है, तो उसकी कार्यक्षमता और मजबूत होती है।
त्वचा में चमक: अंदरूनी सफाई का असर सीधे आपके चेहरे और त्वचा पर चमक के रूप में दिखाई देता है।
मानसिक शांति: हल्का और सात्विक आहार लेने से मन शांत और एकाग्र रहता है, जिससे पूजा-पाठ और ध्यान में भी पूरा मन लगता है।
इस नवरात्रि सिर्फ परंपरा के लिए नहीं, बल्कि अपने शरीर को डिटॉक्स करने के लिए उपवास करें। NLS (Natural Life Style) के साथ जुड़ें, अपने शरीर को अंदर से डिटॉक्स करें और एक स्वस्थ, ऊर्जावान व आनंदमय जीवन की ओर कदम बढ़ाएं!
