क्या आप ऑनलाइन स्पाइनल बाथ टब (Spinal Bath Tub) खरीदना चाहते हैं? जानें इससे जुड़ा सब कुछ!

spnial bath tub

आज की आधुनिक जीवनशैली में जहाँ सुख-सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं तनाव, पीठ दर्द, कब्ज, और मानसिक थकान जैसी समस्याएं भी हर घर की कहानी बन चुकी हैं और सबसे बड़ी बात जो तनाव और Stress की वजह से नींद की गोलियां खा रहे हैं - अनिद्रा (Insomnia), जिसके लिए आज की युवा पीढ़ी (Youth) भी दवाइयां खा रही हैं, आज मैं आपको एक ऐसी प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में जानकारी देना चाहती हूँ जिससे न केवल बीमारियों से बचाव होता है बल्कि जिसकी मदद से गहरी नींद का आनंद लिया जा सकता है, शरीर स्वस्थ रहता है।

प्राकृतिक चिकित्सा में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पानी के अलग-अलग तापमान और तरीकों का उपयोग किया जाता है। इसी चिकित्सा का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है—स्पाइनल बाथ (Spinal Bath) या रीढ़ की हड्डी का स्नान। एलोपैथिक ट्रीटमेंट और medicines के बढ़ते दुष्परिणामों ने अब लोगों का ध्यान प्राकृतिक चिकित्सा की और केंद्रित किया है। इससे जुडी therapies लोगों को न सिर्फ स्वस्थ बना रही है बल्कि दवाइयों और हॉस्पिटल के महंगे बिलों से भी बचा रही हैं। स्पाइनल टब बात के असीमित लाभों को देखते हुए इसकी मांग में काफी इज़ाफ़ा हुआ है। लोग ऑनलाइन की खूब सर्चिंग कर रहे हैं। लोग Online या offline इसे खरीदने मैं अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, अगर आप भी मन बना चुके है इसे खरीदने का तो हमारे ये ब्लॉग आपके लिए बनेगा सटीक मार्गदर्शक। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि स्पाइनल बाथ क्या है, इसका वैज्ञानिक आधार क्या है, इसे कैसे उपयोग करते हैं और देश के जाने-माने प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञों का इसके बारे में क्या कहना है।

प्राकृतिक जीवन शैली और विशेषज्ञों की राय

प्राकृतिक जीवन शैली और विशेषज्ञों की राय

प्राकृतिक जीवन शैली (Natural Lifestyle) का सीधा सा मतलब है—प्रकृति के नियमों के अनुसार जीना और अपने शरीर को Self-हीलिंग से ठीक करना। हमारा शरीर पंचतत्वों (मिट्टी, पानी, धूप, हवा और आकाश) से मिलकर बना है, इसलिए जब शरीर में कोई असंतुलन होता है, तो इन्हीं तत्वों के सही इस्तेमाल से उसे ठीक किया जा सकता है।

देश के सुप्रसिद्ध नेचर क्योर एक्सपर्ट आचार्य डॉ. मोहन गुप्ता जी हमेशा अपनी सभाओं और lectures में कहते हैं:

“हमारा पूरा नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ा हुआ है। जब हम रीढ़ की हड्डी को spinal bath के माध्यम से विशेष तापमान देते हैं, तो शरीर के सभी चक्र और नसें एक्टिवेट हो जाती हैं। यह शरीर से Toxins को बाहर निकालने का सबसे सरल माध्यम है।”

वहीं दूसरी ओर, जानी-मानी नेचर केयर एक्सपर्ट डॉ. पूजा बंसल का मानना है कि

“आज की स्ट्रेस भरी लाइफस्टाइल में स्पाइनल बाथ हर घर की जरूरत बन चुका है। उनके अनुसार, यह थेरेपी माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा (Insomnia) और डिप्रेशन जैसी बीमारियों को बिना किसी दवा के ठीक करने की क्षमता रखती है।”

जानवरों से प्रेरित है यह अनोखी थेरेपी (Spinal Bath Therapy)
जानवरों से प्रेरित है यह अनोखी थेरेपी (Spinal Bath Therapy)

आपने अक्सर गाय, भैंस और अन्य जानवरों को किसी नदी, तालाब या पोखर में घंटों बैठे हुए देखा होगा। वे पानी में इस तरह बैठते हैं कि उनके शरीर का आधा हिस्सा (निचला और पेट का हिस्सा) पानी के अंदर डूबा रहता है, जबकि आधा हिस्सा पानी के बाहर धूप और हवा के संपर्क में रहता है।

जब जानवर इस तरह बैठते हैं, तो उनके शरीर में एक ही समय पर दो अलग-अलग तापमान क्षेत्र (Two Temperature Zones) बन जाते हैं। शरीर के आधे हिस्से में ठंडक होती है और आधे हिस्से में सामान्य या गर्म तापमान होता है। इस तापमान के अंतर (Temperature Difference) के कारण उनके शरीर में रक्त का संचार (Blood Circulation) बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। बढ़ा हुआ रक्त संचार शरीर के अंदरूनी अंगों की मरम्मत करता है और उनके शारीरिक असंतुलन या बीमारियों को अपने आप ठीक कर देता है। स्पाइनल बाथ टब को इसी प्राकृतिक सिद्धांत पर डिजाइन किया गया है।

स्पाइनल बाथ टब की बनावट और साइज

यह कोई सामान्य बाथ टब नहीं है जिसमें आप पूरा डूबकर नहाते हैं। यह एक विशेष प्रकार का आयताकार (Rectangular) टब होता है।

मटीरियल:- परंपरागत रूप से यह टब मजबूत GI शीट का बनाया जाता है, ताकि पानी का तापमान लंबे समय तक बना रहे।

साइज (Dimensions):- एक स्टैंडर्ड स्पाइनल बाथ टब की लंबाई लगभग 40 इंच X 25 इंच होती है।

डिजाइन:- इस टब की खासियत यह है कि इसके दोनों सिरों पर ढलान (Slant) अलग-अलग होती है। एक तरफ की दीवार ज्यादा झुकी हुई (Larger Slant) होती है ताकि आप अपनी पीठ और सिर को आराम से टिका सकें, जबकि दूसरी तरफ की दीवार कम झुकी हुई (Smaller Slant) होती है।

स्पाइनल बाथ लेने का सही तरीका (How to Use)

NLS nature Experts के अनुसार, यदि इस बाथ को सही तरीके से न लिया जाए, तो इसका पूरा लाभ नहीं मिलता। इसलिए नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से समझें:

1.पानी की मात्रा:- सबसे पहले टब के अंदर सामान्य नल का पानी (Normal Tap Water) भरें। पानी केवल 2 से 2.5 इंच गहरा होना चाहिए। पानी इतना ही होना चाहिए कि जब आप लेटें, तो केवल आपकी रीढ़ की हड्डी ही पानी में डूबे, पूरा पेट या छाती नहीं।

2.मौसम के अनुसार पानी:- यदि मौसम बहुत गर्म है (जैसे मई-जून के महीने में), तो आप मटके का पानी (Pitcher Cooled Water) या हल्का ठंडा पानी इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. लेटने की मुद्रा (Posture):- अब टब के अंदर लेट जाएं। अपने सिर को अधिक ढलान (More Inclined Side) वाले हिस्से की तरफ रखें और पैरों को कम ढलान वाले हिस्से की तरफ बाहर निकाल लें।

4.क्या बाहर रहेगा?:- आपका सिर और आपके पैर पानी से पूरी तरह बाहर होने चाहिए। आपके पैर टब के बाहर जमीन पर टिके होने चाहिए। पैरों को गीला नहीं करना। पैरों में चप्पल या पैरों के नीचे पटरी या mat होना चाहिए।

टब में केवल आपकी पीठ और रीढ़ की हड्डी ही पानी को छुएगी।

5. समय सीमा:- इस अवस्था में आपको आराम से 15 से 20 मिनट तक लेटे रहना है।

विशेष सलाह:- यदि आप पहली बार इसका उपयोग कर रहे हैं, तो हमारे YouTube channel Natural Life Style पर “Spinal Tub bath and its use” विषय पर बने विस्तृत वीडियो को एक बार जरूर देख लें ताकि आपकी लेटने की पोजीशन एकदम सही हो।

स्पाइनल बाथ टब के लाभ (Benefits of Spinal Bath Tub)

1. अनिद्रा (Insomnia): जिस व्यक्ति को नींद की गोलियां खाकर भी नींद नहीं आती, उसे टब में लेटने से नींद आ जाती है।

2. महिलाओं के रोग: महिलाओं में Periods Pain, Scanty Flow, Overflow, Periods disorders, Hormonal Imbalance, Infertility (fallopian tube की blockage खोलने में) अत्यंत लाभकारी है।

3. दर्द और माइग्रेन: कमर दर्द, Migraine, Cervical pain में फायदेमंद।

4. किडनी से संबंधित रोग:- किडनी से संबंधित रोगों में – जैसे kidney stone, kidney creatinine बढ़ा होने में अद्भुत परिणाम देता है।

5. पेट और पाचन संबंधी समस्या:- Piles, Fissure, IBS, constipation, Gas, Acidity में तो टब में लेटना रामबाण इलाज है।

6. नर्वस सिस्टम टोन-अप:- क्योंकि इस टब में लेटने से पूरा Nervous System Tone up होता है, इसलिए किसी भी बीमारी के व्यक्ति को तो लाभ होता ही है, स्वस्थ व्यक्ति भी यदि रोज़ इसमें 10-15 मिनट Spinal Tub Bath ले तो उसका स्वास्थ्य भी दिनोदिन बढ़ता जाता है।

7. पुरुषों के रोग:- पुरुषों को होने वाली बीमारियों – Prostate Enlargement, Erectile Dysfunction, low sperm count और Impotency में इस टब में लेटने से बहुत लाभ होता है।

8. गर्भवती महिलाओं के लिए- गर्भवती महिलाएँ यदि रोजाना इस टब में लेटें तो न केवल normal delivery बल्कि Painless Delivery का लाभ ले सकती हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के समय में बीमारियों और दवाओं पर हजारों रुपए खर्च करने से बेहतर है कि हम अपनी जीवनशैली को सुधारें। अपने घर में एक स्पाइनल बाथ टब लाकर आप अपने घर को ही एक छोटा सा ‘वेलनेस सेंटर’ बना सकते हैं। आचार्य डॉ. मोहन गुप्ता और डॉ. पूजा बंसल के बताए इन प्राकृतिक नियमों को अपनाएं, पानी की जादुई शक्ति का लाभ उठाएं और एक स्वस्थ, तनावमुक्त और दीर्घायु जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

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